Warning: opendir(/home/u727337328/domains/jameelattari.in/public_html/wp-content/mu-plugins): failed to open dir: Permission denied in /home/u727337328/domains/jameelattari.in/public_html/wp-includes/load.php on line 981 Dosti ke bare me chanakya ke vichar | दोस्ती के बारे में चाणक्य के विचार - Jameel Attari
दोस्ती के बारे में चाणक्य के विचार
जमील अत्तारी
हर दोस्ती के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है।
हर दोस्ती के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है।
ऐसी कोई मित्रता नहीं है जिसके पीछे स्वार्थ न छुपा हो।
ऐसी कोई मित्रता नहीं है जिसके पीछे स्वार्थ न छुपा हो।
कभी भी उससे दोस्ती मत कीजिए जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों, ऐसी दोस्ती आपको खुशी नहीं दे सकती।
कभी भी उससे दोस्ती मत कीजिए जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों, ऐसी दोस्ती आपको खुशी नहीं दे सकती।
संसार में जिसके पास धन होता है, उसी के सब मित्र होते हैं।
संसार में जिसके पास धन होता है, उसी के सब मित्र होते हैं।