Warning: opendir(/home/u727337328/domains/jameelattari.in/public_html/wp-content/mu-plugins): failed to open dir: Permission denied in /home/u727337328/domains/jameelattari.in/public_html/wp-includes/load.php on line 981 gol kyo hoti hai aeroplane ki khidkiyan | गोल क्यों होती हैं प्लेन की खिड़कियां? - Jameel Attari
जमील अत्तारी
गोल क्यों होती हैं प्लेन की खिड़कियां?
गोल क्यों होती हैं प्लेन की खिड़कियां?
जब कमर्शियल एयरलाइन्स की शुरुआत हुई तो खिड़कियां चौकोर बनती थीं।
जब कमर्शियल एयरलाइन्स की शुरुआत हुई तो खिड़कियां चौकोर बनती थीं।
माना जाता था कि इमारतों की तरह प्लेन में भी चौकोर खिड़कियां कारगर साबित होंगी।
माना जाता था कि इमारतों की तरह प्लेन में भी चौकोर खिड़कियां कारगर साबित होंगी।
1953 और 1954 में दो प्लेन क्रैश की घटनाएं घटीं जिसका कारण चौकोर खिड़की थी।
1953 और 1954 में दो प्लेन क्रैश की घटनाएं घटीं जिसका कारण चौकोर खिड़की थी।
इंजीनियर्स ने पाया कि चौकोर खिड़कियों में कमजोर स्पॉट बन जाते हैं।
इंजीनियर्स ने पाया कि चौकोर खिड़कियों में कमजोर स्पॉट बन जाते हैं।